याकूब 1:12 - Garhwali12 जु मनखि अजमैसों मा भि टिक्यूं रौन्दु उ धन्य च, किलैकि जब उ अजमैसों मा सफल ह्वे जान्दु, तब वेतैं जीवन को मुकुट मिललु। किलैकि जु मनखि परमेस्वर से प्यार करदु, वेतैं यू मुकुट देण को करार परमेस्वर न कर्युं च। Viz kapitolaगढवली नयो नियम12 धन्य च उ आदिम, जु अजमैश का बगत भि मजबूत रौंदो; किलैकि जब उ अजमैश तैं पार कैरी दींदो तब पिता परमेश्वर वे तैं अनन्त जीवन को मुकुट दयालो, ज्यांको वादा पिता परमेश्वर ल अपड़ा प्रेम रखण वलो दगड़ी करयूं च। Viz kapitola |