गलातियों 4:9 - Garhwali9 पर अब जु तुमुन परमेस्वर तैं पछ्याणयालि, या हम इन बोलि सकद्यां कि तुम भि परमेस्वर का नौ से जणे जाणा छाँ, त फिर तुम किलै दुनियां की नास होण वळी ऊं बातों का जनै लौटण छाँ जु तुमतै बचै नि सकदिन? अर तुम फिर से किलै गुलामी का सेवक होण चन्द्यां? मेरा दगड़्यों, तुम बेकार की बातों पर अपणु मन किलै लगौन्द्यां? Viz kapitolaगढवली नयो नियम9 पर जब तुम पिता परमेश्वर का दगड़ी जुड़ीं ग्यां, अर पिता परमेश्वर ल हम तैं अपड़ा नौंना का रूप मा स्वीकार कैरी, त फिर तुम कमजोर अर निर्बल आदि शिक्षाओं का दास बनण कु किलै लौटणा छा? क्य तुम तैं दुबरा ऊंको ही दास बनणै की लालसा च? Viz kapitola |