कुलुसी 2:18 - Garhwali18 मेरा दगड़्यों, चौकस रा, कखि कुई मनखि अपणी झूठ्ठी शिक्षा का द्वारा तुमतै पिता परमेस्वर से मिलण वळा इनाम से बेदखल नि कैरी द्यो, किलैकि झूठ्ठु मनखि लोगु तैं दिखौणु खुणि दीन बणदु अर स्वर्गदूतों की पूजा करण की बात सिखौन्दु, अर उ इन जोर देन्दु कि तुम भि ठिक इन्नि कैरा। अर इन्द्रया झूठ्ठा लोग बुलला कि ऊंन पिता परमेस्वर से सुपन्या मा दरसन का द्वारा यू ज्ञान पै, इलै ऊ अपणा विचारों पर बड़ु मोन करदिन, मगर सच्चै त या च कि ऊंका मनों मा यू विचार परमेस्वर की तरफा बटि नि छिन। Viz kapitolaगढवली नयो नियम18 कुई भि मनिख झूठी दीनता, अर स्वर्गदूतों की आराधना कैरी कै, तुम तैं तुम्हरी दौड़ कु प्रतिफल ल्योंणु कु भरमै नि द्यो, कखि तुम अपड़ा फल नि पै सैका। किलैकि इन मनिख दिखीं बातों मा लग्युं रौंदो अर अपड़ी शारीरिक समझ पर बेकार मा बड़ो मोन करदो। Viz kapitola |