खास चेलों 28:27 - Garhwali27 किलैकि यों लोगु को मन निठुर ह्वे गै, अर वु अपणा कन्दूड़ो न सुनण नि चनदिन, अर ऊंन अपणा आंख्यों तैं बन्द कैरियाली, ताकि इन नि हो कि वु अपणा आंख्यों न देखा अर कन्दूड़ो न सुणा, अर अपणा मन मा समझा, अर अपणा-अपणा पापों बटि पस्ताप कैरा, अर मि ऊंतैं खूब कैरी द्यो।’ Viz kapitolaगढवली नयो नियम27 किलैकि यूं लुखुं का दिल निठुर हवे गैनी अर यूंका कन्दूड़ बुझै गैनी यूं ल अपड़ा आंखा बूजेनी कखि इन नि हो कि उ आँखों ल दिखुनु अर कन्दूड़ो ल सुनांणु दिल मा समझी जौनु अर अपड़ा मन फिरौनु अर मि ऊं तैं खूब कैरी द्यों। Viz kapitola |