2 तीमुथियुस 4:8 - Garhwali8 अर अब जीत को इनाम मि खुणि रख्युं च, अर वु इनाम परमेस्वर की नजर मा धरमी जीवन जीण वळो तैं मिलदु, जु कि स्वर्ग मा च। अर जब हमरु धरमी प्रभु न्याय करणु खुणि आलु, त उ मितैं इनाम का तौर पर जीत को मुकुट द्यालु अर सिरफ मितैं ही ना, बल्किन मा ऊं लोगु तैं भि द्यालु जु वेका इंतजार बड़ी आस लगै के कना छिन। Viz kapitolaगढवली नयो नियम8 प्रभु मि तैं एक ताज दयालो जु धार्मिकता को ताज च, यु ईनाम मि तैं वे दिन मिललो जब उ सचै का दगड़ी न्याय कनु कु वापिस आलो, अर यु भस मि तैं ही न बल्कि ऊं सभियूं तैं भि यु दयालो जु वेकी वापिस आंणै की चाह करदींनि। Viz kapitola |