2 कुरिन्थि 10:1 - Garhwali1 हे मेरा दगड़्यों, मि पौलुस यीशु मसीह की तरौं दया करण वळु, अर दीन सभौ को बणि के हमेसा तुम से बिन्ती करदु, मगर तुमरा बीच मा कुछ लोग इन्द्रया छिन जु कि इन बुल्दिन कि, “अरे, जब पौलुस तुमरा बीच रौन्दु तब उ बिल्कुल सीदु-सादु बणि के रौन्दु, मगर जब उ तुम से दूर चलि जान्दु त अपणी चिठ्ठीयों मा इन लिखदु जन कि उ तुमतै धमकी देणु होलु।” Viz kapitolaगढवली नयो नियम1 मि उ ही पौलुस छों जु तुम्हरा संमणी डरपोक छो, पर तुम बट्टी दूर जांण पर हिम्मत वलो हवे जांदु; तुम तैं मसीह की नम्रता, अर कोमलता का कारण निवेदन करदु। Viz kapitola |