1 थिस्सलुनीकी 5:5 - Garhwali5 किलैकि हम सभि उज्याळा की संतान छां अर दिन का उज्याळा जन जीवन जीण वळा छां। अर हम पाप का अन्धेरा मा जीवन जीण वळा लोग नि छां। Viz kapitolaगढवली नयो नियम5 किलैकि तुम सभि उज्यला की सन्तान छा, अर दिन की सन्तान छा, हम राती बट्टी अर अंधेरा बट्टी सम्बन्धित नि छा। Viz kapitola |