1 पतरस 5:5 - Garhwali5 अर ठिक इन्नि, हे ज्वान लोगु, तुम भि अध्यक्षों का अधीन मा रा, अर एक-दुसरा का दगड़ा मा नमर बरतौ रखा, किलैकि पवित्रशास्त्र मा इन लिख्यूं च कि, “परमेस्वर बड़ु मोन करण वळा लोगु का खिलाप मा रौन्दु, मगर दीन लोगु पर किरपा करदु।” Viz kapitolaगढवली नयो नियम5 इन ही के तुम जवान लुखुं तैं पुरणा अगुवा विश्वासी आदिमों का अधीन हूंण चयणु च। तुम सभियूं तैं नम्रता का दगड़ी एक-दुसरा की मदद कन चयणी च। किलैकि पिता परमेश्वर का वचन मा पढ़ै जा सकद कि, “परमेश्वर बड़ा मौनया लुखुं को विरोध करद, पर उ ऊं लुखुं पर कृपा करद जु विनम्र छिनी।” Viz kapitola |