1 कुरिन्थि 9:25 - Garhwali25 अर हरेक उ मनखि जु दौड़ मा सामिल होण चान्दु, पैलि उ भौत मेनत करदु अर अपणी हरेक इच्छा तैं मरदु अर यू सब कुछ त उ जीतणु खुणि करदु, ताकि उ जीत का इनाम तैं पै सैको जैन एक दिन नास ह्वे जाण। मगर मि तुमतै बतै देन्दु कि हम बिस्वासी लोग सब कुछ पिता परमेस्वर खुणि करद्यां अर हमतै इन्द्रयो इनाम मिलण जैको नास कभि नि होण। Viz kapitolaगढवली नयो नियम25 जु लोग दौड़ मा हिस्सा लींण चंदींनि, उ पैली अभ्यास करदींनि अर अपड़ी अभिलाषाओं मा नि डुबदींनि, उ इन इलै करदींनि, कि जीति साका अर आदर पै साका; उ त एक मुरझांण वला मुकुट तैं पांणु कु यु सब करदींनि, पर हम त वे मुकुट कु करदां, जु सुकद नि च। Viz kapitola |