1 कुरिन्थि 5:11 - Garhwali11 अर यू सब बतौणु खुणि ही मि तुम खुणि इन लिखणु छौं, कि तुमतै इन्द्रया लोगु का दगड़ा मा मेल-जोल नि रखण चयेणु, जु खुद तैं मसीह का लोग बतौन्दिन, मगर दुसरो का दगड़ा मा गळत सम्बन्ध रखदिन, या लालची छिन, अर मूरत पूजा या गळी देण वळा छिन, या फिर दरोळया, दुसरो तैं धोखा देण वळा छिन। अरे, मि तुमतै बतै देन्दु कि इन्द्रया लोगु का दगड़ा मा खाणुक खाण भि छोड़ि द्या। Viz kapitolaगढवली नयो नियम11 पर मेरू बुल्ण इन च, कि जु कुई अपड़ा आप तैं विश्वासी बुल्ण वलो हो अर व्यभिचारी, य लोभि, य मूर्तियों तैं पुजण वलो, य गल्ली दींण वलो, य पियक्कड़, य धोखा दींण वलो हो त वेको दगड़ो नि करयां बल्कि इन मनिख का दगड़ा मा खांणु भि नि खैयां। Viz kapitola |