1 कुरिन्थि 2:4 - Garhwali4 अर वे बगत जु वचन मिन बोलि या परचार कैरी, उ ऊंका जन नि छौ जु कि अपणी बातों का द्वारा लोगु का मनों तैं अफ जनै कैरी देन्दिन, मगर मिन तुमतै पवित्र आत्मा का द्वारा सब सच्चि बात ही बतैनि। Viz kapitolaगढवली नयो नियम4 अर मेरी शिक्षा, अर मेरू प्रचार मनिख्युं तैं लुभौण वली बात कु न, पर पवित्र आत्मा ल तुम तैं एक बड़ी सामर्थशाली ढंग ल दिखै कि जु संदेश मिल तुम तैं बतै उ सचो छो। Viz kapitola |