1 कुरिन्थि 15:43 - Garhwali43-44 अर जन अन्धेरु अर उज्याळु दुईया का दुई एक-दुसरा से भौत अलग छिन, ठिक उन्नि जै सरील तैं दफनये गै अर जै सरील तैं मुरदो मा बटि ज्यून्द किये गै दुईया का दुई एक-दुसरा से भौत अलग छिन। अर ईं दुनियां को सरील वेका हड़गा अर मांस का दगड़ा मा दफनये जान्दु, पर जब वेतैं मुरदो मा बटि ज्यून्द किये जान्दु, तब उ पिता परमेस्वर की ताकत से मिलण वळु दिब्य सरील च। किलैकि जन ईं दुनियां मा मनखि तैं पिता परमेस्वर का द्वारा एक सरील दिये जान्दु, ठिक उन्नि वेका द्वारा एक दिब्य आत्मिक सरील भि दिये जान्दु। Viz kapitolaगढवली नयो नियम43 जब हम मुरदियां, त देह कमजोर अर सैड़ी जांदी; पर जब दुबरा ज्यून्दा होला, त सामर्थी अर सुंदर होला। Viz kapitola |