78 ऐह तियां पुर ईन्दै प्रमात्मैं री तैसा बेथाह दया री व्जहा थऊँ भूणा, जठेरी व्जहा थऊँ असु पुर स्वर्गा थऊँ जियां कि तड़कै रा प्रगड़ा चमकणा।