12 जऊन मन मारोत म रहिथें, ओमन पीरा म छटपटावत हवंय, अऊ मदद पाय के इंतजार म हवंय, काबरकि यहोवा कोति ले भेजे गय बिपत्ति यरूसलेम के कपाट तक हबर गे हवय।