20 ये सुनके अयूब ह ठाढ़ होईस अऊ दुख म अपन ओनहा ला चीरिस अऊ मुड़ ला मुड़ाईस। तब ओह परमेसर के भक्ति म भुइयां म गिरके दंडवत करिस