16 मेंह अपन मनखेमन ऊपर नियाय के हुकूम दूहूं काबरकि ओमन मोला तियागके, आने देवतामन बर धूप जलाके अऊ अपन हांथ ले बनाय मूरतीमन के अराधना करके दुस्टता करे हवंय।