5 “जाति-जाति के मनखेमन कोति धियान से देखव— अऊ बहुंतेच चकित होवव। काबरकि मेंह तुम्हर समय म कुछू अइसन करे बर जावत हंव यदि ओकर बारे म कोनो तुमन ला बतावय, तभो ले तुमन कभू बिसवास नइं करहू।