4 अऊ कोनो भी जगह म जिहां बांचे मनखेमन रहत हवंय, ओ जगह के मनखेमन सोन अऊ चांदी, धन अऊ पसु देके, ओमन के मदद करंय अऊ यरूसलेम म परमेसर के मंदिर बर स्वेच्छा-बलिदान देवंय।’ ”