17 जब ओमन आघू बढ़ंय, त ओमन ओ दिसा म जावंय, जऊन दिसा कोति जीवधारीमन के चेहरा रहय; जब जीवधारीमन चलंय, त पहियामन अपन दिसा नइं बदलंय।