11 कि रानी वसती ला राज-मुकुट पहिरे हुये राजा के आघू म लाने जावव, ताकि मनखे अऊ परभावसाली मनखेमन ओकर सुन्दरता ला देख सकंय, काबरकि ओह देखे म सुन्दर रिहिस।