2 कुलुस्सी सहर के परमेसर के ओ पबितर भाईमन ला ये चिट्ठी लिखत हंव, जऊन मन मसीह म बिसवासयोग्य अंय: तुमन ला, हमर ददा परमेसर ले अनुग्रह अऊ सांति मिलय।