6 तुम्हर चालचलन हमर अऊ हमर परभू के चालचलन सहीं हो गीस; बहुंत दुख-तकलीफ सहे के बावजूद तुमन संदेस ला आनंद के संग गरहन करेव, जऊन ह पबितर आतमा के दुवारा दिये गे रिहिस।