प्रकाश 21:19 - देउखरिया थारु19 देवालके जग मेरमेरके बहुमूल्य रत्नहुँक्रिहिनसे जोँटाइल रहे। सुरुक जग बिल्लौरके, दोसुर नीलमके, तेसर हरित रत्नक, चौथा पन्नक, Viz kapitolaदङ्गौरा थारू19 पर्खालक जग अनेक किसिमक बहुमूल्य पत्थ्रले सिङ्गारल रह। पहिल जग चमकदार पत्थ्रक, द्वासर नीरक, तीसर हरितमणिक, चौथा पन्नक, Viz kapitola |