मत्ती 14:30 - देउखरिया थारु30 पर बयाल जोरसे चलत देख्के ऊ डरागिल, और जब डुबे लागल ते ऊ चिल्लाके कहल, “हे प्रभु, महिन्हे बँचाई।” Viz kapitolaदङ्गौरा थारू30 तर बतास जोरसे चलट् देख्क ऊ डरागैल, ओ पानीम बुर लग्ल त डरले, “प्रभु, महीह बचाई!” कटी चिल्लैल। Viz kapitola |