२ कोरिन्थी 11:3 - देउखरिया थारु3 पर जसिके शैतान सँप्वक रुपमे अपन चलाँखीसे सुरुक जन्नी मनैया हव्वाहे थागल। ओस्तेहेँके महिन्हे डर बा कि तुहुरिन्के मन भ्रष्ट ना होजाए, और तुहुरे ख्रीष्टके उप्पर रहल अपन पूरा और शुद्ध भक्तिहे छोर ना देऊ। Viz kapitolaदङ्गौरा थारू3 जसहेँक सँप्वा चलाकी कैक हव्वह छलल्, ओसहेँक ख्रीष्टप्रतिक टुन्हक स्वाझ ओ चोखो भक्ति भटकजैठा कि कैक महीह डर लागरहल। Viz kapitola |