मत्ति 27:63 - धिमाल63 रो दोअ्हि, “केलाइहेङ फोम हि, इङको ठग सिन्हुपा हिलाउ, ‘का सितेङ सुम्नि दिनाता आरोङ ल्होकाङका’ दोअ्का हिघाहि। Viz kapitolaDhimal NT63 ओबालाइ दोअ्हि नेउ केलाइहेङ थाहा हि, या ठगिका द्याङ सिन्हुपा हिलाउ का सितेङ सुम्निता आरोङ सिन्हुतेङ ल्होकाङका दोअ्का हिघाहि। Viz kapitola |