मत्ति 26:54 - धिमाल54 कालाउ बुङ का र्हेनु ते धरमकिताबता कासेहेङ इसिका जेङलिगोयाङ दोअ्तेङ लेखेन्हाका काथा हेसापा पोङघालि द्वावा कुनु?” Viz kapitolaDhimal NT54 कालाउ का ह्रेखा पानुते धर्मसास्तरता इसिका जेङलि गोयाङ दोअ्तेङ लेखेका काथा हेसा पुरा जेङलि द्वावा रो? Viz kapitola |