सफ़नियाह 2:15 - किताब-ए मुक़द्दस15 यही उस ख़ुशबाश शहर का अंजाम होगा जो पहले इतनी हिफ़ाज़त से बसता था और जो दिल में कहता था, “मैं ही हूँ, मेरे सिवा कोई और है ही नहीं।” आइंदा वह रेगिस्तान होगा, ऐसी जगह जहाँ जानवर ही आराम करेंगे। हर मुसाफ़िर “तौबा तौबा” कहकर वहाँ से गुज़रेगा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 ये वह शादमान शहर है जो बेफ़िक्र था, जिसने दिल में कहा, मैं हूँ, और मेरे अलावा कोई दूसरा नहीं। वह कैसा वीरान हुआ, हैवानों के बैठने की जगह! हर एक जो उधर से गुज़रेगा सुसकारेगा और हाथ हिलाएगा। Viz kapitola |