ज़करियाह 8:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 याद रहे कि उस वक़्त से पहले न इनसान और न हैवान को मेहनत की मज़दूरी मिलती थी। आने जानेवाले कहीं भी दुश्मन के हमलों से महफ़ूज़ नहीं थे, क्योंकि मैंने हर आदमी को उसके हमसाय का दुश्मन बना दिया था।’ Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 क्यूँकि उन दिनों से पहले, न इंसान के लिए मज़दूरी थी और न हैवान का किराया था, और दुश्मन की वजह से आने — जाने वाले महफू़ज़ न थे, क्यूँकि मैंने सब लोगों में निफ़ाक डाल दिया। Viz kapitola |