ज़करियाह 7:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 “रब्बुल-अफ़वाज फ़रमाता है, ‘अदालत में मुंसिफ़ाना फ़ैसले करो, एक दूसरे पर मेहरबानी और रहम करो! Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 कि “रब्ब — उल — अफ़वाज यूँ फ़रमाया था, कि रास्ती से 'अदालत करो, और हर शख़्स अपने भाई पर करम और रहम किया करे, Viz kapitola |