ज़करियाह 4:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 फ़रिश्ता बोला, “क्या यह तुझे मालूम नहीं?” मैंने जवाब दिया, “नहीं, मेरे आक़ा।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 तब उस फ़रिश्ते ने जो मुझ से कलाम करता था कहा, “क्या तू नहीं जानता यह क्या है?” मैंने कहा, “नहीं, ऐ मेरे आक़ा।” Viz kapitola |