ज़करियाह 14:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 वह एक मुन्फ़रिद दिन होगा जो रब ही को मालूम होगा। न दिन होगा और न रात बल्कि शाम को भी रौशनी होगी। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जो ख़ुदावन्द ही को मा'लूम है। वह न दिन होगा न रात, लेकिन शाम के वक़्त रोशनी होगी। Viz kapitola |