ज़करियाह 11:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 मैंने लाठी बनाम ‘मेहरबानी’ को तोड़कर ज़ाहिर किया कि जो अहद मैंने तमाम अक़वाम के साथ बाँधा था वह मनसूख़ है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 तब मैंने फ़ज़ल नामी लाठी को लिया और उसे काट डाला कि अपने 'अहद को जो मैंने सब लोगों से बाँधा था, मन्सूख़ करूँ। Viz kapitola |