ज़करियाह 10:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 तुम्हारे घरों के बुत फ़रेब देते, तुम्हारे ग़ैबदान झूटी रोया देखते और फ़रेबदेह ख़ाब सुनाते हैं। उनकी तसल्ली अबस है। इसी लिए क़ौम को भेड़-बकरियों की तरह यहाँ से चला जाना पड़ा। गल्लाबान नहीं है, इसलिए वह मुसीबत में उलझे रहते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 क्यूँकि तराफीम ने बतालत की बातें कहीं हैं और गै़बबीनों ने बतालत देखी और झूठे ख़्वाब बयान किये हैं उनकी तसल्ली बे हक़ीक़त है इसलिए वह भेड़ों की तरह भटक गए। उन्होंने दुख पाया क्यूँकि उनका कोई चरवाहा न था। Viz kapitola |