गज़लुल 8:13 - किताब-ए मुक़द्दस13 ऐ बाग़ में बसनेवाली, मेरे साथी तेरी आवाज़ पर तवज्जुह दे रहे हैं। मुझे ही अपनी आवाज़ सुनने दे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 ऐ बूस्तान में रहनेवाली, दोस्त तेरी आवाज़ सुनते हैं; मुझ को भी सुना। Viz kapitola |