गज़लुल 8:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 लेकिन मेरा अपना अंगूर का बाग़ मेरे सामने ही मौजूद है। ऐ सुलेमान, चाँदी के हज़ार सिक्के तेरे लिए हैं, और 200 सिक्के उनके लिए जो उस की फ़सल की पहरादारी करते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 मेरा खजूर का बाग़ जो मेरा ही है मेरे सामने है ऐ सुलेमान तू तो हज़ार ले, और उसके फल के निगहबान दो सौ पाएँ। Viz kapitola |