गज़लुल 6:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 अपनी नज़रों को मुझसे हटा ले, क्योंकि वह मुझमें उलझन पैदा कर रही हैं। तेरे बाल उन बकरियों की मानिंद हैं जो उछलती-कूदती कोहे-जिलियाद से उतरती हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 अपनी आँखें मेरी तरफ़ से फेर ले, क्यूँकि वह मुझे घबरा देती हैं; तेरे बाल बकरियों के गल्ले की तरह हैं, जो कोह — ए — जिल्आद पर बैठी हों। Viz kapitola |