गज़लुल 6:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 “यह कौन है जो तुलूए-सुबह की तरह चमक उठी, जो चाँद जैसी ख़ूबसूरत, आफ़ताब जैसी पाक और अलमबरदार दस्तों जैसी रोबदार है?” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 यह कौन है जिसका ज़हूर सुबह की तरह है, जो हुस्न में माहताब, और नूर में आफ़ताब, 'अलमदार लश्कर की तरह दिल पसन्द है? Viz kapitola |