गज़लुल 1:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 ऐ यरूशलम की बेटियो, मैं स्याहफ़ाम लेकिन मनमोहन हूँ, मैं क़ीदार के ख़ैमों जैसी, सुलेमान के ख़ैमों के परदों जैसी ख़ूबसूरत हूँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 ऐ येरूशलेम की बेटियो, मैं सियाहफ़ाम लेकिन खू़बसूरत हूँ क़ीदार के खे़मों और सुलेमान के पर्दों की तरह। Viz kapitola |