गज़लुल 1:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 तेरी इत्र की ख़ुशबू कितनी मनमोहन है, तेरा नाम छिड़का गया महकदार तेल ही है। इसलिए कुँवारियाँ तुझे प्यार करती हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 तेरे 'इत्र की खु़श्बू ख़ुशगवार है तेरा नाम 'इत्र रेख़्ता है; इसीलिए कुँवारियाँ तुझ पर आशिक़ हैं। Viz kapitola |