गज़लुल 1:15 - किताब-ए मुक़द्दस15 मेरी महबूबा, तू कितनी ख़ूबसूरत है, कितनी हसीन! तेरी आँखें कबूतर ही हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 देख, तू खू़बसूरत है ऐ मेरी प्यारी, देख तू ख़ूबसूरत है। तेरी आँखें दो कबूतर हैं। Viz kapitola |