रुत 4:1 - किताब-ए मुक़द्दस1 बोअज़ शहर के दरवाज़े के पास जाकर बैठ गया जहाँ बुज़ुर्ग फ़ैसले किया करते थे। कुछ देर के बाद वह रिश्तेदार वहाँ से गुज़रा जिसका ज़िक्र बोअज़ ने रूत से किया था। बोअज़ उससे मुख़ातिब हुआ, “दोस्त, इधर आएँ। मेरे पास बैठ जाएँ।” रिश्तेदार उसके पास बैठ गया Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 तब बो'अज़ बेथलेहम शहर के फाटक के पास जाकर वहाँ बैठ गया और देखो जिस नज़दीक के क़रीबी रिश्ते का ज़िक्र बो'अज़ ने किया था वह आ निकला। उसने उससे कहा अरे भाई इधर आ! ज़रा यहाँ बैठ जा। तब वह उधर आकर बैठ गया। Viz kapitola |