रुत 2:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 रूत मुँह के बल झुक गई और बोली, “मैं इस लायक़ नहीं कि आप मुझ पर इतनी मेहरबानी करें। मैं तो परदेसी हूँ। आप क्यों मेरी क़दर करते हैं?” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 तब वह औधे मुँह गिरी और ज़मीन पर सरनगू होकर उससे कहा, “क्या वजह है कि तू मुझ पर करम की नज़र करके मेरी ख़बर लेता है, हालाँकि मैं परदेसन हूँ?” Viz kapitola |