रोमियों 8:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 पुरानी फ़ितरत की सोच का अंजाम मौत है जबकि रूह की सोच ज़िंदगी और सलामती पैदा करती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 और जिस्मानी नियत मौत है मगर रूहानी नियत ज़िन्दगी और इत्मीनान है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 जिस्मानी ग़रज़ मौत है लेकिन रूहानी ग़रज़ ज़िन्दगी और इत्मीनान है। Viz kapitola |