रोमियों 8:34 - किताब-ए मुक़द्दस34 कौन हमें मुजरिम ठहराएगा जब मसीह ईसा ने हमारे लिए अपनी जान दी? बल्कि हमारी ख़ातिर इससे भी ज़्यादा हुआ। उसे ज़िंदा किया गया और वह अल्लाह के दहने हाथ बैठ गया, जहाँ वह हमारी शफ़ाअत करता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201934 कौन है जो मुजरिम ठहराएगा? मसीह ईसा वो है जो मर गया बल्कि मुर्दों में से जी उठा और ख़ुदा की दहनी तरफ़ है और हमारी शिफ़ा'अत भी करता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा34 कौन उन्हें मुजरिम क़रार दे सकता है? कोई नहीं। इसलिये के अलमसीह ईसा ही वह हैं जो मर गये और मुर्दों में से जी उठे और जो ख़ुदा की दाहिनी तरफ़ मौजूद हैं। वोही हमारी शफ़ाअत भी करते हैं। Viz kapitola |