रोमियों 7:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 लेकिन अब हम मरकर शरीअत के बंधन से आज़ाद हो गए हैं। अब हम शरीअत की पुरानी ज़िंदगी के तहत ख़िदमत नहीं करते बल्कि रूहुल-क़ुद्स की नई ज़िंदगी के तहत। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 लेकिन जिस चीज़ की क़ैद में थे उसके ऐ'तिबार से मर कर अब हम शरी'अत से ऐसे छूट गए, कि रूह के नए तौर पर न कि लफ़्ज़ों के पूराने तौर पर ख़िदमत करते हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 लेकिन हम जिस चीज़ के क़ैदी थे उस के एतबार से मर गये तो शरीअत की क़ैद से ऐसे छूट गये के उस के लफ़्ज़ों के पुराने तरीक़ा के मुताबिक़ नहीं बल्के ख़ुदा की रूह के नये तरीक़े के मुताबिक़ ख़िदमत करते हैं। Viz kapitola |