रोमियों 7:25 - किताब-ए मुक़द्दस25 ख़ुदा का शुक्र है जो हमारे ख़ुदावंद ईसा मसीह के वसीले से यह काम करता है। ग़रज़ यही मेरी हालत है, मसीह के बग़ैर मैं अल्लाह की शरीअत की ख़िदमत सिर्फ़ अपनी समझ से कर सकता हूँ जबकि मेरी पुरानी फ़ितरत गुनाह की शरीअत की ग़ुलाम रहकर उसी की ख़िदमत करती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 अपने ख़ुदावन्द ईसा मसीह के वासीले से ख़ुदा का शुक्र करता हूँ; ग़रज़ में ख़ुद अपनी अक़्ल से तो ख़ुदा की शरी'अत का मगर जिस्म से गुनाह की शरी'अत का ग़ुलाम हूँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा25 ख़ुदा का शुक्र हो के उस ने हमारे ख़ुदावन्द ईसा अलमसीह के वसीले से इसे मुम्किन बना दिया है। ग़रज़ मेरा हाल ये है के में अपनी अक़्ल से ख़ुदा की शरीअत का और जिस्म में गुनाह की शरीअत का महकूम हूं। Viz kapitola |