रोमियों 7:23 - किताब-ए मुक़द्दस23 लेकिन मुझे अपने आज़ा में एक और तरह की शरीअत दिखाई देती है, ऐसी शरीअत जो मेरी समझ की शरीअत के ख़िलाफ़ लड़कर मुझे गुनाह की शरीअत का क़ैदी बना देती है, उस शरीअत का जो मेरे आज़ा में मौजूद है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201923 मगर मुझे अपने आ'ज़ा में एक और तरह की शरी'अत नज़र आती है जो मेरी अक़्ल की शरी'अत से लड़कर मुझे उस गुनाह की शरी'अत की क़ैद में ले आती है; जो मेरे आ'ज़ा में मौजूद है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा23 लेकिन मुझे अपने जिस्म के आज़ा में एक और ही शरीअत काम करती दिखाई देती है जो मेरी अक़्ल की शरीअत से लड़ कर मुझे गुनाह की शरीअत का क़ैदी बना देती है जो मेरे आज़ा में मौजूद है। Viz kapitola |