रोमियों 7:16 - किताब-ए मुक़द्दस16 लेकिन अगर मैं वह करता हूँ जो नहीं करना चाहता तो ज़ाहिर है कि मैं मुत्तफ़िक़ हूँ कि शरीअत अच्छी है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201916 और अगर मैं उस पर अमल करता हूँ जिसका इरादा नहीं करता तो मैं मानता हुँ कि शरी'अत उम्दा है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा16 पस जब वह करता हूं जिसे में करना ही नहीं चाहता तो में मानता हूं के शरीअत अच्छी है। Viz kapitola |