रोमियों 5:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 न सिर्फ़ यह बल्कि हम उस वक़्त भी फ़ख़र करते हैं जब हम मुसीबतों में फँसे होते हैं। क्योंकि हम जानते हैं कि मुसीबत से साबितक़दमी पैदा होती है, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 और सिर्फ़ यही नहीं बल्कि मुसीबतों में भी फ़ख़्र करें ये जानकर कि मुसीबत से सब्र पैदा होता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 और सिर्फ़ यही नहीं बल्के हम अपनी मुसीबतों में भी ख़ुश होते हैं क्यूंके हम जानते हैं के मुसीबत से साबित क़दमी पैदा होती है। Viz kapitola |